class 10 NCERT Solutions Hindi Kshitiz Chapter 9 लखनवी अंदाज़ 

1. लेखक को नवाब साहब के किन हावभावों से महसूस हुआ कि वे उनसे बातचीत करने के लिए तनिक भी उत्सुक नहीं हैं?
उत्तर:
लेखक के अचानक डिब्बे में प्रवेश करते ही नवाब साहब की आँखों में एकांत भंग किये जाने का असंतोष झलक रहा था। उन्होंने बात करने का कोई उत्साह नहीं दिखाया, जिससे लेखक को उनकी उदासीनता का आभास हुआ।

2. नवाब साहब ने खीरा काटकर, नमकमिर्च बुरककर, सूँघकर उसे बाहर क्यों फेंक दिया?
उत्तर:
यह सब दिखावे/आडंबर के लिए किया गया। वे खुद को खास और अमीर साबित करना चाहते थे। उनके इस व्यवहार से उनका छल, प्रदर्शन-प्रियता और दंभ प्रकट होता है।

3. बिना विचार, घटना और पात्रों के भी क्या कहानी लिखी जा सकती है? यशपाल के विचार से आप कितना सहमत हैं?
उत्तर:
कहानी के आवश्यक तत्व — कथावस्तु, घटना, पात्र — इन के बिना कहानी में रस नहीं आता। यशपाल का कथन आलोचना/व्यंग्य है, क्योंकि सही मायनों में ये तत्व अनिवार्य हैं।

4. आप इस निबंध को और क्या नाम देना चाहेंगे?
उत्तर:
‘झूठी शान’, ‘आडंबर’, ‘दिखावा’, ‘अंतर्द्वंद्व’— किसी भी उपयुक्त शीर्षक से इसका सार व्यक्त किया जा सकता है।

5.() नवाब साहब द्वारा खीरा खाने की तैयारी का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

  उत्तर:
नवाब साहब ने बड़े सलीके से दो ताजे खीरे तौलिए पर रखे, खिड़की से बाहर का पानी डालकर धोए, तौलिए से सुखाया, जेब से चाकू निकालकर छिला, फाँकें काटीं, उन पर नमक-मिर्च-जीरा छिड़का, फिर हर फाँक को सूँघ-सूँघकर खिड़की से बाहर फेंक दिया।

यहाँ आपके हिंदी व्याकरण आधारित प्रश्नों के उत्तर दिए गए हैं—

(k) फलोंफलों का स्वाद लेने के लिए आप किस प्रकार की तैयारी करते हैं?
उत्तर:
फलों का स्वाद लेने के लिए मैं ताजे फलों को अच्छे से धोता हूँ, फिर उन्हें छीलकर या काटकर उनकी फाँकें बनाता हूँ। स्वाद बढ़ाने के लिए कभी-कभी उन पर नमक और मसाले भी डालता हूँ। इस प्रकार सजाकर बड़े चाव से खाता हूँ।

6. खीरे के विषय में नवाब साहब के व्यवहार को उनकी लत कहा जा सकता है। आपने और भी लतों औरशौकके बारे में पढ़ासुना होगा। किसी एक के बारे में लिखिए।
उत्तर:
कई लोगों को चाय पीने की लत होती है। सुबह उठते ही वे चाय का प्याला लिए बिना बेचैन रहते हैं। दिनभर में कई बार चाय पीते हैं। अगर उन्हें चाय न मिले तो सिरदर्द या कमज़ोरी महसूस होती है। यह आदत उनमें इतनी गहरे बस जाती है कि वह एक मजबूरी जैसी बन जाती है।

7. क्या लत का कोई सकारात्मक रूप हो सकता है? यदि हाँ, तो ऐसी लतों का उल्लेख कीजिए।
उत्तर:
हाँ, कुछ लतें सकारात्मक या लाभकारी भी हो सकती हैं।

  • किताबें पढ़ने की लत
  • व्यायाम या योग करने की लत
  • समय पर काम करने/समय प्रबंधन की लत
  • सफाई रखने की लत
    इन लतों से व्यक्ति का जीवन सकारात्मक रूप से बदलता है।

6.भाषा अध्ययननिम्न वाक्यों के क्रियापद छाँटकर, उनके भेद भी लिखिए:

(क) बैठे थे — अकर्मक क्रिया
(ख) दिखाया — सकर्मक क्रिया
(ग) है — सहायक क्रिया
(घ) खरीदे होंगे — सकर्मक क्रिया
(ङ) निकाला — सकर्मक क्रिया
(च) देखा — सकर्मक क्रिया
(छ) लेट गए — अकर्मक क्रिया
(ज) निकाला — सकर्मक क्रिया

chapter-9-लखनवी-अंदाज़.docx

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *