संस्कृति
1. लेखक की दृष्टि में ‘सभ्यता‘ और ‘संस्कृति‘ की सही समझ अब तक क्यों नहीं बन पाई है?
उत्तर:
सभ्यता और संस्कृति के शब्दों का मनमाना, असंगत और विशेषणयुक्त प्रयोग होता है—जिससे उनका एक स्पष्ट, स्थायी अर्थ बन ही नहीं पाता।
2. आग की खोज बड़ी क्यों मानी गई? उसके पीछे मुख्य प्रेरणाएँ क्या थीं?
उत्तर:
आग की खोज ने अंधेरे से लड़ने, भोजन पकाने, भय एवं ठंड से सुरक्षा पाई। प्रेरणा—रौशनी, पेट की भूख, कच्चे भोजन को पचाने में असमर्थता।
3. वास्तविक अर्थों में ‘संस्कृत व्यक्ति‘ किसे कहा जा सकता है?
उत्तर:
अपने बौद्धिक बल पर नये आविष्कार करने वाले, जीवन में सृजन और नवीनता लाने वाले, उदाहरण: न्यूटन (गुरुत्वाकर्षण सिद्धांत के लिए)।
4. न्यूटन को ‘संस्कृत मानव‘ कहने का तर्क और अन्य क्यों नहीं?
उत्तर:
न्यूटन ने नया सिद्धांत खोजा; आज के लोग भले विषय जानते हैं, पर वे मूलतः न्यूटन की खोज में संशोधन/विस्तार कर रहे हैं—खोजकर्त्ता का स्थान अलग उत्तीर्ण होता है।
5. कौन–सी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए सुई–धागे का आविष्कार हुआ?
उत्तर:
शरीर ढँकने, सर्दी से बचने, कपड़ों को सजाने, कपड़े जोड़ने आदि की आवश्यकता के कारण सुई-धागा बना।
6. मानव संस्कृति अविभाज्य वस्तु—विभाजन के/एकता के दो प्रसंग
(क) विभाजन: वर्ण-व्यवस्था, धर्म के नाम पर (जैसे—भारत-पाक)।
(ख) एकता: कार्ल मार्क्स और बुद्ध का समर्पण मानव कल्याण के लिए।
7. आशय स्पष्ट करें—’मानव की जो योग्यता…संस्कृति या असंस्कृति?’
उत्तर:
मानव की योग्यता से आविष्कार—अगर मानव उद्वर्तन या सुरक्षा के लिए है तो संस्कृति, विनाश के लिए है तो असंस्कृति/असभ्यता कही जाएगी।
8. अपनी दृष्टि से सभ्यता और संस्कृति की परिभाषा लिखिए:
उत्तर:
सभ्यता—मनुष्य के बाह्य जीवन की सुव्यवस्था (रहन-सहन, वस्त्र, भोजन)।
संस्कृति—मनुष्य की आंतरिक चेतना, मूल्यों, कला, चिंतन व सृजन की पूर्णता।
9. सामासिक पदों का विग्रह व भेद—
- गलत-सलत: गलत और सलत (द्वंद समास)
- आत्म-विनाश: आत्मा का विनाश (तत्पुरुष समास)
- महामानव: महान है जो मानव (कर्मधारय समास)
- पददलित: पद से दलित (तत्पुरुष समास)
- हिन्दू-मुसलिम: हिन्दू और मुसलिम (द्वंद समास)
- यथोचित: यथा उचित (अव्ययीभाव समास)
- सप्तर्षि: सात ऋषियों का समूह (द्विगु समास)
- सुलोचना: सुंदर लोचन है जिसके (कर्मधारय समास)