1. एकपदेन उत्तरं लिखत
(संक्षिप्त एक शब्द में उत्तर)
| क्रम | प्रश्न | उत्तर |
| (क) | कस्य दारुण-विभीषिका गुर्जरक्षेत्रां ध्वंसावशेषेषु परिवर्तितवती? | भूकम्पस्य |
| (ख) | कीदृशानि भवनानि धराशायीनि जातानि? | बहुभूमिकानि |
| (ग) | दुर्वार-जलधराभिः किम् उपस्थितम्? | प्रलयम् |
| (घ) | कस्य उपशमनस्य स्थिरोपायः नास्ति? | भूकम्पस्य |
| (ङ) | कीदृशाः प्राणिनः भूकम्पेन निहन्यन्ते? | विवशाः |
2. संक्षिप्त उत्तरं संस्कृतभाषया
| क्रम | प्रश्न | उत्तर |
| (क) | समस्तराष्ट्रं कीदृशे उल्लासे मग्नम् आसीत्? | स्वातन्त्र्यदिनस्य उल्लासे मग्नम् आसीत्। |
| (ख) | भूकम्पस्य वेन्द्रबिन्दुः कः जनपदः आसीत्? | कच्छजनपदः आसीत्। |
| (ग) | पृथिव्याः स्खलनात् किम् जायते? | कम्पनं जायते। |
| (घ) | समग्रं विश्वं कैश्चिद् आतङ्कितं दृश्यते? | भूकम्पैः आतङ्कितं दृश्यते। |
| (ङ) | वेष्पफोटैरपि भूकम्पः जायते? | आम्, जायते। |
3. स्थूलपदानि आधृत्य प्रश्ननिर्माणम्
| क्रम | वाक्य | प्रश्न |
| (क) | भूकम्पविभीषिका विशेषेण कच्छजनपदं ध्वंसावशेषेषु परिवर्तितवती। | केन कच्छजनपदं ध्वंसावशेषेषु परिवर्तितम्? |
| (ख) | वैज्ञानिकाः कथयन्ति यत् पृथिव्याः अन्तर्गर्भे पाषाणशिलानां संघर्षणेन कम्पनं जायते। | वैज्ञानिकाः किं कथयन्ति? |
| (ग) | विवशाः प्राणिनः आकाशे पिपीलिकाः इव निहन्यन्ते। | के विवशाः निहन्यन्ते? |
| (घ) | एतादृशी भयावहघटना गढवालक्षेत्रे घटिता। | एतादृशी भयावहघटना कुत्र घटिता? |
| (ङ) | तदिदानीं भूकम्पकारणं विचारणीयं तिष्ठति। | किमिदानीं विचारणीयं तिष्ठति? |
4. ‘भूकम्पविषये’ अनुच्छेदः (पंचवाक्यात्मकः)
भूकम्पः प्राकृतिकविपत्तीनां मध्ये भयावहः अस्ति।
सः पृथिव्याः अन्तर्गर्भे शिलानां संघर्षेण जायते।
तस्मात् भवनानि भूमौ पतन्ति, जनाः निहन्यन्ते च।
वैज्ञानिकाः भूकम्पस्य कारणं ज्ञातुं प्रयतन्ते।
भूकम्पे सावधानता एव सुरक्षा उपायः अस्ति।
5. धातुरूपपरिवर्तनम् (निर्देशानुसारम्)
| क्रम | वाक्य | उत्तर |
| (क) | समग्रं भारतम् उल्लासे मग्नम् अस्ति। | |
| (ख) | भूकम्पविभीषिका कच्छजनपदं विनष्टं कृतवती। | |
| (ग) | क्षणेनैव प्राणिनः गृहविहीनाः भवन्ति। | |
| (घ) | शान्तानि पञ्चतत्त्वानि भूतलस्य योगक्षेमाभ्यां भवन्ति। | |
| (ङ) | मानवाः पृच्छन्ति यत् बहुभूमिकभवननिर्माणं करणीयं न वा। | |
| (च) | नदीवेगेन ग्रामाः तदुदरे समाविशन्ति। |
6. सन्धि–विच्छेदः
(क) परसवर्णसन्धिः
| शब्द | सन्धिविच्छेदः |
| किंच | किम् + च |
| नगरन्तु | नगरम् + तु |
| विपन्नश्च | विपन्नः + च |
| किंनु | किम् + नु |
| भुजनगरन्तु | भुज + नगरम् + तु |
| संचयः | सम् + चयः |
(ख) विसर्गसन्धिः
| शब्द | सन्धिविच्छेदः |
| शिशवस्तु | शिशवः + तु |
| विस्फोटैरपि | विस्फोटैः + अपि |
| सहस्रशोऽन्ये | सहस्रशः + अन्ये |
| विचित्रोऽयम् | विचित्रः + अयम् |
| भूकम्पोऽजायत | भूकम्पः + जायते |
| वामनकल्प एव | वामनकल्पः + एव |
7. विलोमपदानि–संयोगः
(क) विलोम
| क | ख |
| सम्पन्नम् | विपन्नम् |
| ध्वस्तभवनेषु | नवनिर्मितभवनेषु |
| निस्सरन्तीभिः | प्रविशन्तीभिः |
| निर्माय | विनाश्य |
| क्षणेनैव | सुचिरेणैव |
(ख) समानार्थकपदानि
| क | ख |
| पर्यावृतम् | व्यावृतम् |
| विशीर्णाः | नष्टाः |
| उद्गिरन्तः | प्रकटयन्तः |
| विदार्य | संत्रोट्य |
| प्रवृत्ताम् | क्रोधयुक्ताम् |
8. प्रकृति–प्रत्यय–विभागः
| शब्द | प्रकृति | धातु | प्रत्यय | लिङ्ग |
| धृतवान् | धृ | क्तवतु | — | पुंलिङ्ग |
| हसन् | हस् | शतृ | — | पुंलिङ्ग |
| विशीर्णा | वि | शृ | क्त | स्त्री |
| प्रचलन्ती | प्र | चल् | शतृ | स्त्री |
| हतः | हन् | क्त | — | पुंलिङ्ग |
समस्तपदानि
| संयुक्त पद | समस्तपद रूप |
| महत् च तत् कम्पनम् | महत्कम्पनम् |
| दारुणा च सा विभीषिका | दारुणविभीषिका |
| ध्वस्तेषु च तेषु भवनेषु | ध्वस्तभवनेषु |
| प्राक्तने च तस्मिन् युगे | प्राक्तनयुगे |
| महत् च तत् राष्ट्रं तस्मिन् | महत्तराष्ट्रम् |